International Journal of Multi-Disciplinary Research and Developmental Studies
E-ISSN: 2469-7811 • Impact Factor - 9.587

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कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में हिंदी भाषा और साहित्य की संभावनाएँ

Author(s)डॉ. प्रतिमा खटुमरा
CountryINDIA
Research AreaHINDI
Published InVolume 1, Issue 1 (September-October 2026)
Published On24 October 2026
Paper IdIJMRDS-1056

Abstract

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के इस दौर में हिंदी भाषा और साहित्य के विकास, संरक्षण और वैश्विक प्रसार के लिए नए और क्रांतिकारी अवसर खुले हैं। [1, 2] हिंदी भाषा और साहित्य में AI की प्रमुख संभावनाएँ • साहित्यिक सृजन और संपादन: एआई आधारित टूल्स (जैसे जेनेरिव एआई और चैटबॉट्स) लेखकों को कविता, कहानी, निबंध और आलोचना के लेखन में सहायक साधन के रूप में मदद कर रहे हैं। [1, 2] • स्वचालित अनुवाद (Machine Translation): एआई की मदद से हिंदी साहित्य और ज्ञान परंपरा का विश्व की अन्य भाषाओं में (और अंग्रेजी से हिंदी में) तीव्र गति से अनुवाद हो रहा है, जिससे हिंदी वैश्विक पटल पर सुलभ हो रही है। एआईसीटीई (AICTE) का अनुवादिनी प्लेटफ़ॉर्म तकनीकी और शैक्षणिक सामग्री का हिंदी में बड़े पैमाने पर अनुवाद कर रहा है। [1, 2, 3] • ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (OCR) और अभिलेखन: पुराने और दुर्लभ मुद्रित हिंदी ग्रंथों, पांडुलिपियों और साहित्य को डिजिटल टेक्स्ट में बदलकर संरक्षित करने और खोजने (Search) योग्य बनाने में एआई बड़ी भूमिका निभा रहा है। [1] • वॉयस-आधारित तकनीकें: स्पीच-टू-टेक्स्ट और टेक्स्ट-टू-स्पीच जैसी तकनीकें बोली जाने वाली हिंदी को लिखित रूप में और लिखित सामग्री को ऑडियो में बदल रही हैं, जिससे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी का उपयोग बढ़ रहा है। [1] • शिक्षा और ई-गवर्नेंस: एआई आधारित हिंदी चैटबॉट्स और बुद्धिमान ट्यूटर प्रणाली ग्रामीण व वंचित वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सरकारी सेवाओं को सरल भाषा में पहुँचाने का माध्यम बन रही हैं।

Keywords: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), हिंदी भाषा और साहित्य, डिजिटल टेक्स्ट, बुद्धिमान ट्यूटर

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